जबलपुर में रिश्तों का खून: 12 साल की ‘अपनी’ नौकरानी ने बुजुर्ग दंपति को चाय में नींद की गोलियां देकर लूटा।
जबलपुर, मध्य प्रदेश: शांति नगर में एक ऐसी वारदात हुई है, जिसने रिश्तों की बुनियाद को हिला कर रख दिया है। जिस घर में एक नौकरानी ने 13 साल तक सेवा दी, उसी घर के बुजुर्ग मालिक-मालकिन को उसने ज़हर मिली चाय पिलाई और बेशर्मी से उनके गहने लूटकर फरार हो गई। इस घटना ने हर किसी के दिल को दहला दिया है, क्योंकि यह सिर्फ चोरी नहीं, भरोसे का कत्ल है। पुलिस ने दरिंदा नौकरानी को दबोच लिया है, लेकिन उस बुजुर्ग दंपति के ज़ख्म गहरे हैं।
वफादारी की आड़ में छिपी थी साजिश
यह कहानी है शांति नगर के उस बुजुर्ग दंपति की, जिन्होंने अपनी जिंदगी की शाम एक भरोसेमंद सहारे के साथ बिताने का सपना देखा था। पिछले 13 साल से संगीता सोनी नाम की एक महिला उनके घर में नौकरानी थी। इन 13 सालों में उसने न जाने कितनी बार उनके लिए चाय बनाई होगी, खाना बनाया होगा, उनकी हर ज़रूरत का खयाल रखा होगा। दंपति ने उसे अपने परिवार का हिस्सा मान लिया था। उन्हें क्या पता था कि इस वफादारी की आड़ में एक खौफनाक साजिश पल रही है!मंगलवार की सुबह, जब सूरज अपनी नई किरणें बिखेर रहा था, संगीता ने हमेशा की तरह चाय बनाई। लेकिन आज की चाय में कुछ और भी था—ज़हर! जैसे ही बुजुर्ग दंपति ने वह चाय पी, उनके शरीर ने साथ छोड़ दिया। देखते ही देखते वे बेहोश होकर बिस्तर पर गिर पड़े। उस पल की कल्पना कीजिए, जब आँखों के सामने अँधेरा छा रहा हो और अपना सबसे भरोसेमंद इंसान ही भेड़िया बन जाए।
लुटते रहे गहने, छिनती रही साँसें।।
दंपति के अचेत होते ही, संगीता सोनी ने अपने असली रंग दिखा दिए। उसने बिना किसी हिचकिचाहट के, उस बुजुर्ग माँ के गले से सोने के कीमती हार खींच लिए, हाथों से कंगन उतार लिए। जिनकी वर्षों सेवा की थी, जिनके साथ सुख-दुख साझा किए थे, उन्हीं की जान पर खेलकर उनके गहने छीन लिए गए। वह भी उस समय, जब वे असहाय होकर मौत और ज़िंदगी के बीच झूल रहे थे। सब कुछ लूटने के बाद, वह चुपचाप घर से खिसक गई, मानो कुछ हुआ ही न हो। *पुलिस की तत्परता, लेकिन घाव गहरे* जब बुजुर्ग दंपति की हालत बिगड़ी, तो उन्हें तुरंत मेट्रो अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने ज़हर के लक्षणों को भाँप लिया और तत्काल गोहलपुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बिना एक पल गँवाए, घर पहुँचकर जाँच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और सच सामने आने लगा। 13 साल की वफादार नौकरानी ही कातिल बनने की कोशिश कर रही थी! पुलिस ने फौरन घेराबंदी की और कुछ ही घंटों में संगीता सोनी को धर दबोचा।शुक्र है, बुजुर्ग दंपति अब ख़तरे से बाहर हैं। लेकिन इस घटना ने उनके ज़हन पर एक ऐसा ज़ख्म छोड़ दिया है, जो शायद कभी नहीं भरेगा। भरोसे का टूटना, ज़िंदगी से ज़्यादा भारी होता है। यह सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि इंसानियत पर एक दाग़ है, जो हमें सोचने पर मजबूर करता है: क्या वाकई अब किसी पर आँख बंद कर भरोसा किया जा सकता है? यह घटना हर उस परिवार के लिए एक चेतावनी है, जो अपनों की देखभाल का जिम्मा किसी बाहरी हाथ में सौंपता है।
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