जबलपुर में पत्रकारों पर बढ़ते हमले, अब नील तिवारी बने निशाना
जबलपुर में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों की कड़ी में अब पत्रकार नील तिवारी भी शिकार बने हैं। घटना 4 नवंबर की रात करीब 10:30 बजे भानतलैया क्षेत्र की है, जहां नील तिवारी पर आराधना शुक्ला और उसके पिता ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और चार टांके लगाए गए। नील तिवारी पर बीते 3 साल में चार बार हमला हुआ है। लेकिन पुलिस सिर्फ खानापूर्ति ही बताया जा रहा है कि क्षेत्र में अवैध व्यापार पर रोक लगाने के कारण कुछ लोग मिलकर उन पर सुनियोजित हमले करवा रहे हैं। ताजी घटना को अंजाम देने वाली आराधना शुक्ला पहले भी तिवारी परिवार के खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज कराने की कोशिश करती रही है। जिसमें उसके पास कभी कोई सबूत नहीं रहे। ताजा हमले को लेकर पत्रकार जगत में गहरा आक्रोश है।घटना के बाद बड़ी संख्या में पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय पत्रकार जबलपुर के पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। पत्रकारों के विरोध के बाद एसपी ने इस मामले की जांच एडिशनल एसपी स्तर पर कराने के निर्देश दिए हैं और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पत्रकारों का कहना है कि जबलपुर में हाल के दिनों में पत्रकारों पर दबाव बनाने और उन्हें डराने की कोशिशें बढ़ गई हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन ऐसे मामलों में अपेक्षित सख्ती नहीं दिखा रहे हैं। नील तिवारी पर पिछले तीन वर्षों में यह चौथा हमला है, फिर भी अब तक किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
Share this content:



Post Comment