भाजयुमो नेता मानव घनघोरिया की अग्रिम जमानत खारिज, हत्या के प्रयास और अवैध वसूली का मामला

भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नेता मानव घनघोरिया को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हत्या के प्रयास और गंभीर धाराओं में दर्ज मामले को देखते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका जबलपुर जिला कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस मामले में मानव पर आरोप है कि उसने अपने गुर्गों के साथ मिलकर एक स्थानीय दुकानदार से 20 हजार रुपये की अवैध मांग की और मना करने पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया।

भाजपा नेता पर चाकू से हमला करने और अवैध वसूली का आरोप

घटना 17 जुलाई की रात की है। माढ़ोताल क्षेत्र के संचार नगर निवासी गौरव बाजपेयी अपनी पत्नी नेन्सी के साथ अपने घर की दुकान पर बैठे थे। रात करीब 8 बजे काले रंग की कार और एक बाइक पर सवार चार लोग वहां पहुंचे। भाजपा नेता मानव के अलावा उनमें से एक आयुष खरे भी था, जो साईं कॉलोनी का रहने वाला है। गौरव को दुकान से बुलाकर फुटपाथ पर ले जाया गया और उससे 20 हजार रुपये की मांग की गई। जब गौरव ने रुपये देने से मना किया, तो चारों लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते उस पर चाकू से हमला कर दिया।

हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज है FIR

गौरव बाजपेयी को गंभीर रूप से घायल अवस्था में स्वास्तिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसकी सूचना मिलने के बाद पीड़ित की रिपोर्ट माढ़ोताल थाने में दर्ज की गई। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 296 (गाली-गलौज), 119(1) (हत्या का प्रयास), 109 (उकसाना), 118(1) (अवैध दबाव), 351(3) (गंभीर चोट पहुंचाना) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इस पूरे हमले में मानव घनघोरिया का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है।

कोर्ट ने कहा – मामला गंभीर, अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती

मानव घनघोरिया की ओर से गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी अदालत में दायर की गई थी। लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश शबनम कादिर मंसूरी की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष पांडे और राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक अरविंद जैन ने जमानत अर्जी का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि आरोपी ने एक आम नागरिक पर न सिर्फ अवैध वसूली का दबाव बनाया, बल्कि उसे जान से मारने की नियत से चाकू से हमला भी किया। अदालत ने यह मानते हुए कि मामला अत्यंत गंभीर है, अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी।

अब हाईकोर्ट में लगेगी जमानत,

मानव घनघोरिया की अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद अब पुलिस के पास उन्हें गिरफ्तार करने का रास्ता साफ हो गया है लेकिन इस मामले में पुलिस की भूमिका इसलिए भी संदिग्ध नजर आ रही है कि अमूमन जिस तरह से पुलिस रसूखदारों की FIR को पोर्टल पर अपलोड ना करते हुए छुपा देती है। इस तरह यह FIR क्रमांक 500/2025 भी छुपा लिया गया है। हालांकि मामला हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़ा है लेकिन मानव की गिरफ्तारी की उम्मीद पुलिस के रवैया के चलते नहीं है और अब वह हाईकोर्ट में बेल एप्लीकेशन दायर करेगा।

मानव घनघोरिया भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़ा हुआ हैं और प्रदेश कार्यकारिणी का भी सदस्य हैं। ऐसे में इस घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। बीते दिनों कथित भाजपा नेता पर लगे देह व्यापार के मामले में तो भाजपा ने उससे पल्ला झाड़ते हुए यह बयान जारी कर दिया था कि वह भारतीय जनता पार्टी का सोशल मीडिया प्रभारी नहीं है लेकिन अब मानव घनघोरिया के मामले में पल्ला झाड़ना मुश्किल नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले में भाजपा क्या स्टैंड लेती है।

WhatsApp-Image-2025-08-01-at-10.33.52-PM-784x1024 भाजयुमो नेता मानव घनघोरिया की अग्रिम जमानत खारिज, हत्या के प्रयास और अवैध वसूली का मामला

Share this content:

Post Comment

You May Have Missed