जबलपुर में कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान हथियार लहराने का वीडियो वायरल, पूर्व मंत्री अंचल सोनकर के बेटे पर उठे सवाल

जबलपुर।मध्य प्रदेश के जबलपुर में कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनता तक को चौंका दिया। प्रदर्शन के बीच एक युवक द्वारा खुलेआम पिस्तौल लहराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला गंभीर बहस का विषय बन गया है।वीडियो सामने आने के बाद न सिर्फ सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, बल्कि पुलिस की भूमिका और कानून के प्रभाव को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

घटना का पूरा घटनाक्रम

कांग्रेस पार्टी ने शहर में बढ़ते अपराध और पुलिस की कथित निष्क्रियता के विरोध में एक रैली आयोजित की थी। यह रैली रामलीला मैदान से प्रारंभ होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के घेराव की ओर बढ़ रही थी।जब रैली ब्यौहारबाग क्षेत्र से गुजर रही थी, उसी दौरान सड़क किनारे स्थित एक बहुमंजिला इमारत की बालकनी से एक युवक अचानक बाहर आया और रैली की दिशा में पिस्तौल लहराता हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।कुछ ही समय में यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल गया।

युवक की पहचान को लेकर दावा

वायरल वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि हथियार लहराने वाला युवक भाजपा के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक अंचल सोनकर का बेटा राजा सोनकर है। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि उसी बालकनी से एक महिला प्रदर्शनकारियों की ओर चप्पल दिखाती नजर आती है, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक अंचल सोनकर या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कांग्रेस का आरोप: डराने की कोशिश

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह हरकत रैली को भयभीत करने और दबाव बनाने के इरादे से की गई। उनका कहना है कि यदि एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान खुलेआम हथियार दिखाया जा सकता है, तो यह प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।कांग्रेस ने इस मामले में पुलिस से तत्काल, निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस का रुख

जबलपुर पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस के अनुसार—वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है हथियार वैध है या नहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान की पुष्टि की जा रही हैजांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

सबसे बड़ा सवाल

यह मामला केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या राजनीतिक प्रभाव के सामने कानून कमजोर पड़ रहा है? और क्या आम नागरिकों और प्रभावशाली लोगों के लिए कानून का पैमाना अलग-अलग है?फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के अधीन है और सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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