खाकी और भगवा का ‘बहुरूपिया’ अपराधी सलाखों के पीछे: 14 राज्यों में खौफ का पर्याय बना ‘रहमान डकैत’ सूरत से गिरफ्तार

(रिपोर्ट: पत्रकार हिमांशु)जबलपुर/सूरत: कहते हैं जुर्म की उम्र लंबी हो सकती है, लेकिन उसका अंत निश्चित होता है। पिछले 20 वर्षों से देश के 14 राज्यों की पुलिस और आम जनता के लिए सिरदर्द बना भोपाल का कुख्यात अपराधी आबिद अली उर्फ राजू उर्फ ‘रहमान डकैत’ आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। सूरत क्राइम ब्रांच ने एक बेहद गुप्त और सटीक ऑपरेशन में इस ‘बहुरूपिये डॉन’ को गिरफ्तार कर लिया है।विश्वास का कत्ल: कभी अफसर, तो कभी साधुयह गिरफ्तारी सिर्फ एक अपराधी की नहीं, बल्कि उस ‘छलावे’ का अंत है जिसने हजारों लोगों के विश्वास को तोड़ा। रहमान डकैत का अपराध करने का तरीका रोंगटे खड़े कर देने वाला था। वह कभी रक्षक बनकर (नकली CBI या पुलिस अफसर) तो कभी भक्षक बनकर लोगों को लूटता था।सबसे मार्मिक पहलू यह है कि उसने अपराध के लिए ‘साधु-संतों’ के पवित्र वेश को भी नहीं बख्शा। जिस गेरुआ वस्त्र पर लोग श्रद्धा से सिर झुकाते थे, उसी वेश में यह अपराधी लोगों की गाढ़ी कमाई लूट लेता था। यह केवल धन की लूट नहीं, बल्कि आस्था पर भी गहरा प्रहार था।
मासूमों को ढाल बनाता था ‘कायर डॉन’भोपाल के ईरानी डेरे से अपना साम्राज्य चलाने वाला राजू खुद को ‘डॉन’ कहलाता था, लेकिन उसकी असलियत बेहद कायरतापूर्ण थी। पुलिस जब भी उसे पकड़ने जाती, वह अपने घर की महिलाओं और मासूम बच्चों को पुलिस के आगे ढाल बनाकर खड़ा कर देता था और खुद पिछले दरवाजे से भाग निकलता था। समाज के लिए यह चिंता का विषय है कि कैसे एक अपराधी अपने बचाव के लिए परिवार और बच्चों के भविष्य को अंधेरे में धकेल देता है।
जुर्म की कमाई और रईसी का शौकदूसरों के घरों में मातम और अंधेरा फैलाने वाला राजू ईरानी खुद ऐशो-आराम की जिंदगी जीता था। लूट और धोखाधड़ी के पैसों से उसने लग्जरी कारें, महंगी स्पोर्ट्स बाइक और अरबी नस्ल के घोड़े पाल रखे थे। अमन नगर कॉलोनी में उसका इतना खौफ था कि उसके खिलाफ बोलने वाले को वह परिवार समेत जिंदा जलाने की कोशिश तक कर चुका था।
कानून की जीतसूरत के डीसीपी भावेश रोजिया और क्राइम ब्रांच की टीम ने लालगेट इलाके में बिना एक भी गोली चलाए, जाल बिछाकर उसे दबोच लिया। उस पर मकोका (MCOCA) जैसे सख्त कानून के तहत मामले दर्ज हैं।आज उसकी गिरफ्तारी से उन सैकड़ों पीड़ितों को सुकून मिला होगा, जिन्होंने इस अपराधी के कारण अपनी जमा-पूंजी और मानसिक शांति खो दी थी। ‘द तथ्य न्यूज़’ ऐसे अपराधियों के खिलाफ मुहिम जारी रखेगा।
जुड़े रहें ‘द तथ्य न्यूज़’ के साथ।— पत्रकार हिमांशु
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