लाडकी बहिन योजना में बड़ा घोटाला, 26 लाख से ज्यादा संदिग्ध लाभार्थी, फडणवीस बोले – गलत लोगों का भुगतान बंद होगा
मुंबई। महाराष्ट्र की महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण देने के लिए शुरू की गई लाडकी बहिन योजना पर अब सवालों के बादल मंडरा रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि इस योजना के तहत 26 लाख से अधिक लाभार्थियों की पात्रता संदिग्ध पाई गई है। इनमें से कई लोग ऐसे हैं, जो योजना के दायरे में आते ही नहीं। सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी संदिग्ध लाभार्थियों का भुगतान फिलहाल रोक दिया है और अब जिला प्रशासन को दोबारा जांच करने के आदेश दिए गए हैं।

क्या है लाडकी बहिन योजना?
- महाराष्ट्र सरकार ने यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की थी।
- इसके तहत गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।
- योजना का लक्ष्य महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और परिवार की आय में सहयोग बढ़ाना था।
कैसे सामने आया गड़बड़झाला?
जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं –
- 14,000 से ज्यादा पुरुषों ने भी इस योजना में नाम जुड़वाकर पैसा लिया।
- कई परिवारों में एक ही घर से कई लोग लाभार्थी बनाए गए।
- सरकारी कर्मचारी और उच्च आय वर्ग के लोग भी सूची में पाए गए।
- कुछ लोग ऐसे थे, जो पहले से दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे थे।

कितना हुआ नुकसान?
- महिला एवं बाल विकास विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक करीब 21.4 करोड़ रुपये गलत लाभार्थियों के खातों में पहुंच चुके हैं।
- विपक्ष का दावा है कि यह घोटाला 4,800 करोड़ रुपये तक का हो सकता है।
- सरकार का कहना है कि वास्तविक आंकड़े की जांच जारी है और दोषियों से वसूली की जाएगी।
सरकार की कार्रवाई
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा –
- “गैरकानूनी लाभार्थियों को अब आगे से एक भी रुपया नहीं दिया जाएगा। जिन लोगों ने गलत तरीके से लाभ लिया है, उनसे वसूली भी की जाएगी।”
- 26.34 लाख संदिग्ध नामों का भुगतान रोक दिया गया है और जिला कलेक्टर को जांच का जिम्मा दिया गया है।
- सरकार ने आयकर विभाग से डेटा साझा करने की अनुमति मांगी है, ताकि करदाता और अमीर वर्ग की पहचान कर उन्हें योजना से बाहर किया जा सके।
राजनीतिक संग्राम तेज
- विपक्षी दलों ने इसे महा-घोटाला करार देते हुए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
- उनका कहना है कि वोट बैंक बढ़ाने के लिए सरकार ने जल्दबाज़ी में योजना लागू की और इसकी ठीक से जांच नहीं की।
- वहीं, सरकार का कहना है कि पिछली व्यवस्थाओं की गड़बड़ियों को सुधारने के लिए ही यह जांच शुरू की गई है।
तथ्यों की एक झलक (Summary Table)
| मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| कुल संदिग्ध लाभार्थी | 26.34 लाख |
| फर्जी पुरुष लाभार्थी | 14,000+ |
| सरकारी कर्मचारी हटाए गए | 2,289 |
| वित्तीय नुकसान (अब तक) | ₹21.4 करोड़ |
| विपक्ष का दावा | ₹4,800 करोड़ का घोटाला |
| सरकार का कदम | भुगतान रोक, जिला स्तर पर दोबारा जांच |
लाडकी बहिन योजना महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने की एक बड़ी पहल थी, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े ने इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार की जांच और कार्रवाई कितनी पारदर्शी होती है और क्या दोषियों से वास्तव में वसूली हो पाएगी।
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