पंचायत भवन निर्माण एवं तालाब नष्ट करने का गंभीर आरोप, उचित जांच के बाद कार्यवाही की मांग

जबलपुर की बरगी विधानसभा अंतर्गत ग्राम घाटपिपरिया में भू-माफियाओं की गुंडागर्दी और प्रशासन की उदासीनता को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं, पंचों एवं ग्रामवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन के लिए आरक्षित जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है, वहीं ऐतिहासिक तालाब को मशीनीकरण के माध्यम से पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।

भाजपा कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप, पंचायत भवन निर्माण पर रोका गया कार्य

ग्रामवासियों के अनुसार, खसरा नं. 259 में अटल जन्म स्मृति दिवस पर भूमि पूजन के साथ पंचायत भवन निर्माण का शुभारंभ किया गया था। यह कार्य ग्राम सभा के प्रस्ताव और ग्रामवासियों की सहमति से किया गया था। किंतु भू-माफिया उमाशंकर द्वारा उक्त जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया। आरोप है कि पुलिस और जनपद अधिकारियों की उपस्थिति में भी भू-माफिया का पक्ष लिया गया और स्थानीय पंचों व ग्रामीणों को धमकाया गया।

तालाब को किया गया नष्ट, जल संकट गहराया

ग्राम पंचायत घाटपिपरिया में वर्ष 1939 में निर्मित ऐतिहासिक तालाब, जो आसपास के 20 गाँवों का जल स्रोत था, उसे दबंगों ने आठ दिन के भीतर जेसीबी और हाईवा मशीनों से समतल कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब में पशु-पक्षी, मछली पालन, सिंगाड़ा उत्पादन और पेयजल जैसी अनेक आवश्यकताएं पूरी होती थीं। आज स्थिति यह है कि गांव केवल एक कुएं पर निर्भर है।

सरकारी नाले और भूमि पर अवैध प्लॉटिंग, किसानों का रास्ता रोका गया

खसरा सं. 371, 376/1, 376/2, 379, 380, 3/2/1, 3/2/2 और सरकारी नाले (खसरा 374) को समतल कर अवैध प्लॉटिंग की जा रही है। इससे आसपास के किसानों की भूमि तक पहुंच बाधित हो गई है और जल निकासी भी अवरुद्ध हो गई है। ग्रामीणों ने इन जमीनों को बैनामी संपत्ति बताते हुए जाँच की माँग की है।

प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल, आमरण अनशन की चेतावनी

ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पूर्व में भी इस मुद्दे को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन आज दिनांक तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। इससे निराश होकर ग्रामवासी तालाब स्थल पर चार दिन का आमरण अनशन एवं क्रमिक भूख हड़ताल करने की चेतावनी दे रहे हैं।

अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की माँग

शिकायतकर्ताओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष को सौंपे पत्र में माँग की है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर भेजकर ग्रामवासियों की उपस्थिति में निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि उनकी शिकायतें असत्य पाई जाती हैं, तो वे स्वयं जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं, परंतु दोषियों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।

प्रदेश के मुखिया तक भेजी जाएगी अपनी मांग

इस पूरे मामले में ग्रामवासियों , पंचों और भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा भाजपा जिला अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते हुए इस पूरे मामले में उचित जांच एवं कार्यवाही करवाने की मांग की गई है साथ ही संबंधित मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, स्थानीय विधायक-सांसद, प्रभारी मंत्री, एसडीएम एवं संबंधित विभागों को कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

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