दमोह में नर्स की पिटाई का मामला गरमाया: OBC महासभा ने घेरा थाना, ‘वायरल वीडियो’ बना आक्रोश का केंद्र (The case of beating of a nurse in Damoh heats up: OBC Mahasabha surrounded the police station, ‘viral video’ became the center of anger)
दमोह, मध्य प्रदेश। दमोह जिले के रनेह उप-स्वास्थ्य केंद्र में एक नर्स द्वारा गर्भवती महिला के पति के साथ मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार दोपहर को ओबीसी महासभा के हजारों कार्यकर्ताओं ने रनेह थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारी दोषियों पर सख्त कार्रवाई और आरोपी नर्स को तुरंत बर्खास्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं। करीब तीन घंटे से लगातार प्रदर्शन जारी है और अधिकारी लगातार समझाइश देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
क्या है पूरा मामला? ‘वायरल वीडियो’ ने खोली पोल
https://youtube.com/shorts/AbyUxUH3aUU?si=_Ccssqvy_9Zvvylphttps://www.instagram.com/reel/DK7k7WkSUNO/?igsh=YjVnMGc1aDNrbXNw
घटना रनेह उप-स्वास्थ्य केंद्र की है। पीड़ित महेंद्र लोधी (निवासी: मुहरा टपरियन गांव, पन्ना जिला) ने बताया कि वह अपनी 9 महीने की गर्भवती पत्नी को लेकर इलाज के लिए रनेह उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। उसने वहां मौजूद नर्स नीलिमा यादव से अपनी पत्नी के इलाज की गुहार लगाई। नर्स ने उसे अगले दिन आने को कहा, लेकिन पत्नी की गंभीर स्थिति को देखते हुए महेंद्र ने दोबारा विनती की। इस पर नर्स नीलिमा यादव कथित तौर पर गुस्से में आ गईं और महेंद्र को अपशब्द कहे।
मामला तब और बिगड़ गया जब महेंद्र अपनी पत्नी के साथ बस में बैठकर घर जाने लगा। आरोप है कि नर्स ने बस रुकवाकर महेंद्र के साथ मारपीट की। यह पूरी घटना पास ही मौजूद किसी व्यक्ति द्वारा वीडियो में कैद कर ली गई और बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिसने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया और जनता के आक्रोश का मुख्य कारण बनी।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, फिर दर्ज हुआ मामला
घटना के बाद महेंद्र लोधी दमोह पहुंचा और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती दौर में पुलिस ने केवल धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ा। चौंकाने वाली बात यह हुई कि बाद में नर्स नीलिमा यादव की शिकायत पर महेंद्र के खिलाफ ही शासकीय कार्य में बाधा और छेड़छाड़ जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया, जिसने विवाद को और हवा दे दी।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और बस कंडक्टर सौरभ सिंह के बयान के आधार पर, घटना के पांच दिन बाद, पुलिस ने नर्स नीलिमा यादव के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 11(2), 356(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
OBC महासभा का शक्ति प्रदर्शन: कार्रवाई तक नहीं हटेंगे
रविवार को, महेंद्र लोधी के समर्थन में ओबीसी महासभा ने एक बड़े आंदोलन की घोषणा की और हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ रनेह थाने पहुंच कर घेराव कर दिया। उनकी मुख्य मांगें हैं:
* आरोपी नर्स नीलिमा यादव को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
* दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
प्रदर्शनकारी लगातार तीन घंटे से अधिक समय से थाने का घेराव किए हुए हैं। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
प्रशासनिक कदम: नर्स का तबादला, दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच
मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने कुछ कदम उठाए हैं:
* आरोपी नर्स नीलिमा यादव को रनेह उप-स्वास्थ्य केंद्र से हटा दिया गया है।
* इस मामले से जुड़े दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है।
हालांकि, ओबीसी महासभा का कहना है कि यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और वे पूर्ण न्याय मिलने तक अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। यह देखना होगा कि प्रशासन इस बढ़ते जनाक्रोश को शांत करने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।
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